A MESSAGE FROM MANAGER

किसी देश का विकास उस देश की संस्कृति एवं शिक्षा पर निर्भर हैं
            वर्तमान परिस्थितियों में हमारा देश शिक्षा की दृष्टि से बहुत पीछे है, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चाद् देश में व्याप्त अशिक्षा का घोर अंधकार विकास की प्रक्रिया में घोर बाधक है। मनस्वी, राजनीतिज्ञों एवं शिक्षाविदों ने शिक्षा-प्रसार पर विशेष बल दिया । किन्तु दुर्भाग्यवश देश के सीमांत छोर पर बसा हमारा क्षेत्र आज भी अशिक्षा के गहनतर अंधकार से मुक्त नहीं हो सका है। उस समय शिक्षा के लिए बालकों को दूर जाना पड़ता था। बालिकाओं की शिक्षा तो केवल कल्पना थी, दूर-दूर तक शिक्षा की कोई व्यवस्था न होने से इस क्षेत्र के बालक-बालिकाओं के लिए शिक्षा ग्रहण एक दुस्कर कार्य था। क्षेत्र की बालिकाओं की शिक्षा में अभूतपूर्व वृद्धि का एक मात्र कारण यही विद्यालय है। वर्तमान में इस क्षेत्र में चार इण्टरमीडिएट कालेज हैं। किन्तु उच्च शिक्षा आज भी क्षेत्रवासी शिक्षार्थियों को काफी दूर जाना पहता है। शिक्षा के प्रति जागृति जागरूकता को कारण बढ़ती छात्र संख्या की बोझ अतिरिक्त हो जाने से इस क्षेत्र के बहुसंख्यक छात्रों को महाविद्यालय में नामांकन न होने से निराश होना पड़ता है। निर्धन विद्यार्थियों को सुदुर क्षेत्र में जाकर शिक्षा ग्रहण करना व्यय साध्य ही नहीं, अपितु असम्भव भी है और बालिकाओं के लिए आज भी एक कल्पना है।
            विश्व के अत्यन्त समृद्ध देश वह है जहाँ शिक्षा का औसत सर्वोपरि है। हमारा देश जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में दूसरे स्थान पर है किन्तु परम दुर्भाग्य यह देश "भारत" शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पीछे अंधकार में खड़ा अपना ही अस्तित्व दर्शन कर पाने में अक्षम है किन्तु इस क्षेत्र का परम दुर्भाग्य नहीं गयी। दुर्भाग्य! हम स्वतंत्रता पश्चात् भारत में आज भी अशिक्षा के घोर अंधकार से मुक्ति नहीं पा सकें है। शिक्षा के फलस्वरूप प्राप्त पिछड़ेपन की संज्ञा से हम आज भी सम्बोधित होते हैं। इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को बहुत दूर जाना पड़ता है बालिकाएं तो उच्च शिक्षा को केवल कल्पना मानती है। इस क्षेत्र में आज बारहवीं उत्तीर्ण छात्रों एवं बालिकाओं के शिक्षा के लिए इस क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना परम आवश्यक है जिससे इस क्षेत्र की संतान उच्च शिक्षित हो एवं स्वयं अपना मार्गदर्शन करने में सक्षम हो इसलिए बिलारी भीटी गौरव गोसाई की पावन धरती पर कमला पांडे महाविद्यालय की स्थापना का कार्य एक पुनीत एवं क्रांतिकारी कार्य है इस विचार को कार्य रूप में परिणत करने के लिए क्षेत्र के कुछ प्रबुद्ध जनों ने एक समिति गठित कर यह निर्णय लिया कि उच्च शिक्षा के लिए यहां एक महाविद्यालय की स्थापना की जाए जिससे इस क्षेत्र से कक्षा 12 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्र के अन्य विद्यालयों से आए छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर रह जाना पड़े अतः कमला पांडे महाविद्यालय की स्थापना का औचित्य जनहित में स्वयं सिद्ध है
प्रहलाद पांडे
प्रबंधक
कमला पांडे महाविद्यालय
बिलारी (गौरा गोसाई) बस्ती